रूस में लंबे समय तक चले गतिरोध के बाद आखिरकार यूक्रेन पर हमला कर दिया। रूसी मिसाइलों और लड़ाकू विमानों ने यूक्रेन के अंदर घुस भयानक तबाही मचाई रूस ने तो यूक्रेन के उत्तर में स्थित राजधानी कीव तक को नहीं बख्शा रूसी मिसाइलों के हमले से की एयरपोर्ट को काफी नुकसान पहुंचा है यही कारण है कि यूक्रेन को आपातकाल तक लगाना पड़ गया है बहरहाल अमेरिका के बहकावे में आकर यूक्रेन कि नाटो में शामिल होने की सीट अब उस पर भारी पड़ रही है।
इस हालात को सामने खड़ा देख के यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया, लेकिन पुतिन की तरफ से फोन रिसीव नहीं किया गया इसकी जानकारी यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने खुद अपने संबोधन में दी उन्होंने अपने संबोधन में एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के कदम एक बड़े युद्ध की शुरुआत हैं इसी के बी यूक्रेन ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और किसी भी विमान को यूक्रेन तोड़ने की इजाजत नहीं है यूक्रेन की राजधानी की में भी कई जगह बम धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है।
बहरहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक के बीच पुतिन ने यूक्रेन की सेना को हथियार डालने के लिए कहा है पुतिन ने कहा कि अगर किसी विदेशी सेना ने हस्तक्षेप की कोशिश की तो ऐसे भयंकर परिणाम भुगतने होंगे जो पहले इतिहास में कभी नहीं देखे गए उस दिन बोले कि हमने कभी भी नहीं कहा कि रूस बातचीत नहीं करना चाहता लेकिन यह भी तय है कि हम किसी भी कीमत पर अपने हितों से समझौता नहीं करेंगे पुतिन आगे बोले कि दुनिया के हालात भी खतरनाक होते जा रहे हैं एक तरफ हम आर्म्स कंट्रोल की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नाटो का विस्तार किया जा रहा है हम चाहते हैं कि सिक्योरिटी बैलेंस बनाया जाए ताकि हर देश अपनी खुद की हिफाजत कर सकें।