दोस्तों क्या आपने कभी यह सोचा है कि Indian Government ने मुकेश अंबानी को उनके घर पर हेलीपैड है उसे यूज क्यों नहीं करने दिया और सिर्फ यही नहीं आपने देखा होगा कि जो हमारी इंडियन पुलिस है, आखिर क्रिमिनल को पकड़ने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल क्यों नहीं करती जबकि बाकी फॉरेन कंट्री की पुलिस अक्सर ऐसे इन कामों में हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करती रहती है,लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है इन सवालों के जवाब जानना चाहते हैं? तो इस पोस्ट को पूरा पढ़े।
नमस्कार,आपका इस आर्टिकल में तहदिल से स्वागत है। सबसे पहले यह बात करते हैं कि आखिर Indian Police हेलीकॉप्टर को यूज क्यों नहीं करती?अब आप यह सोच रहे होंगे कि इंडियन पुलिस के पास तो हेलीकॉप्टर है ही नहीं। जरासल ऐसा नहीं है,मुंबई पुलिस के पास 5 हेलीकॉप्टर है और दिल्ली पुलिस के पास भी 2 हेलिकॉप्टर है,लेकिन जैसा आपने हॉलीवुड की फिल्मों में देखा होगा कि फॉरेन कंट्री की पुलिस क्रिमीनल का पीछा करने के लिए हेलीकॉप्टर का यूज करती है वैसा इंडिया में नहीं होता।
अमेरिका में भी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किसी का पीछा करने के लिए बस में एक या दो बार ही होता है और अगर अमेरिका को छोड़ दें तो शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो USA की तरह है इन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करता होगा। देश दुनियां में हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सर्विलीइंस क्राउड कंट्रोल के लिए किया जाता है। अब मुंबई पुलिस की अगर बात करें तो वह भी हेलीकॉप्टर हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल तब करती है,जब शहर में किसी फेस्टिवल की वजह भीड़ इकट्ठा होता हो जैसे गणपती विसर्जन, दिवाली आदि में सर्विलीइंस क्राउड कंट्रोल के लिए करती है।
अब हम बात करते हैं आख़िर पुलिस हेलीकॉप्टर तो यूज क्यों नहीं करते? जरसल इसका पहला कारण यह है कि, जो हेलीकॉप्टर होते हैं वह बहुत ही महंगे होते हैं मतलब की पांच करोड रुपए से उनका स्टार्टिंग प्राइस होता है और जब पुलिस का हेलीकॉप्टर बनाने के लिए मोडिफिकेशंस करनी पड़ती है फिर वह बहुत ही महंगा होती है और जो छोटे-मोटे शहरों के लिए पुलिस का जो पूरे साल का बजट होता है उससे भी ज्यादा हेलीकॉप्टर का बजट हो जाता है और इन हेलीकॉप्टर और हेलीपैड को मेंटेन करना भी काफी मुश्किल होता है और जो इन्हें चलाने के लिए स्किल्ड पायलट चाहिए होते हैं उन्हें रखना और उन्हें इस केस के मुताबिक सैलरी पे करना बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं होता और इसीलिए इंडिया की पुलिस हेलीकॉप्टर का यूज नहीं करते।
अब दोस्तों बात करते हैं कि जो मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पर हेलीपैड को बनाया हैं,उसे इंडियन गवर्नमेंट यूज क्यों नहीं करने देती। सिर्फ इतना ही नहीं India में जितने भी स्काईस्क्रैपर इमारते पर बनाई गईं हेलीपैड को भी परमिशन नही है। मुंबई,दिल्ली और बैंगलोर इन सभी शहरों में ऐसी बहुत सारी बिल्डिंग है जिन पर हेलीपैड को बनाए गए हैं लेकिन उन्हे Indian Government इस्तेमाल नहीं करने देती। हमारी Ministry Of Environment हेलीकॉप्टर को शहरों के बीच में ऊंची बिल्डिंग पर लैंडिंग नहीं होने देते इसका सबसे पहला कारण है Noise Pollution क्योंकि आपने अगर कभी भी हेलीकॉप्टर को रियल लाइफ में लैंड होते हुए देखा है तो आपको यह तो पता ही होगा कि वह बहुत ज्यादा आवाज करते हैं और इसीलिए वो डेली बेसिस पर शहरों में लोगों के लिए प्रॉब्लम बन सकता है इसके साथ-साथ कई बड़े बिजनेसमैन ने इसकी परमिशन लेने की कोशिश भी करी है लेकिन इंडियन गवर्नमेंट इसकी परमिशन नहीं देती क्योंकि जो लोकल्स होते हैं वह अक्सर कंप्लेंट करते रहते हैं।
Indian Navy ने भी एक बार बडी सी इमारत प्राइवेट लैंडिंग करने की परमिशन मांगी थी लेकिन Ministry Of Environment उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। इसके पीछे के दूसरे कारण यह है की,किसी भी स्काईस्क्रैपर के ऊपर हेलीकॉप्टर को लैंड करना प्रैक्टिकल ही बहुत ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि हेलीकॉप्टर को स्काईस्क्रैपर पर लैंड करते समय कई सारे Wind और Parameter को ध्यान में रखा जाता है और Skyscrapper पर हेलीकॉप्टर को लैंड करने की जगह पहले से ही बहुत कम होती है और हेलीकॉप्टर को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होता है, इसीलिए हेलीकॉप्टर को लैंड करते समय कुछ मीटर की भी चूक हुई तो बहुत बड़ी घटना हो सकती है। अगर Airforce की बात करें तो वहां पर हेलिकॉप्टर की लैंडिंग में 1–2 मीटर इधर उधर हो गई तो भी इतना कोई प्रॉब्लम नहीं होता लेकिन स्काईस्क्रैपर के केस में बहुत सारे लोगों की जान खतरे में रहती है।
कई साल पहले सभी को हेलिकॉप्टर लैंडिंग करवा दिया जाता था,लेकिन USA के एक शहर में एक ऐसी घटना हुई उसके बाद से सभी को यह पता चल गया कि हेलीकॉप्टर को स्काईस्क्रैपर पर लैंड करवाना कितना मुश्किल है। जरसल 1967 में एक PANAM नाम की बिल्डिंग हुआ करते थीं। जहां पर एक हेलीकॉप्टर की टैक्सी सर्विस शुरू की गई। शुरुवाती में तो लैंडिंग बड़े आराम से हो जाती थी, लेकिन फिर 1 दिन हेलीकॉप्टर का लैंडिंग गियर फेल हो गया लैंड करते वक्त Crash हो गया,जितने भी लोग अंदर बैठे थे उनमें से कोई भी सरवाइव नहीं कर पाया और जो हेलीकॉप्टर के रोटर प्लेटस टूटे उससे आसपास की बिल्डिंग का काफी भी नुकसान हुआ और नीचे सड़क पर लोग जा रहे थे उनमें भी कई घायल हुए लोगों की रिपोर्ट कराई गई। इसके बाद बिल्डिंग के ऊपर हेलीकॉप्टर को लैंड करवाना सभी देशों ने बैन कर दिया और इसीलिए जो सिविल एविएशन हैं उन्हे हेलीकॉप्टर को ग्राउंड पर उतरने की परमिशन देते हैं और बहुत ही कम लोगों को बडी इमारत बनाई गईं हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर लैंडिंग की परमीशन दी जाती हैं।
आपका क्या राय है इस विषय मे? देश में सभी शहर के पुलिसवालों को हेलिकॉप्टर देना चाहिए, इससे उनको क्रिमिनल्स को पकड़ने में सहायता होगी। अगर आपने आख़िर तक पढ़ रहो तो कृपया इस सवाल का जवाब ज़रूर देना।
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