Semiconductor क्या है? Silicon Chip की कमी से जूझ रही दुनिया, जानें क्यों है ये Smart Device की जान...
दुनिया में बीसवीं सदी को तेल ने चलाया तो इस सदी को कौन चलाएगा? हरित ऊर्जा,वाईफाई या फिर क्रिप्टोस तीनों गलत जवाब! इस सदी को चलाएगा एक कंडक्टर। बस कंडक्टर नहीं हमारा मतलब था Semiconductor यानी चिप्स उर्फ Microchips एक ऐसी वस्तु जो करीब करीब सभी चीजों में इस्तेमाल की जाती है कुछ ऐसे जिसमें आपको दिखाई देता है और कुछ जिसमें इतना साफ नहीं ना कराएगा देखा जाए तो कोई भी उपकरण जिससे पैनल जुड़ा हो उसमें अलग-अलग जटिलता किस चीज की जरूरत होती है।
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कुछ कार निर्माताओं ने कटौती के रूप में दो की बजाय एक रिमोट चाबी देने लगे पूरी दुनिया का यही हाल है। Honda से लेकर Toyota तक और कार मैन्युफैक्चरिंग सेमीकंडक्टर की कमी के कारण उत्पादन लाइने बंद कर दें। जिससे $210 अरब डॉलर का राजस्व डूब गया। वैसे ही कमी की स्थिति कई कारणों का नतीजा है जो एक साथ आई है। कोरोना महामारी,शिपिंग कंटेनर में वैश्विक कमी जबरदस्त ठंड ने Texas में तीन प्लांट बंद कर दिए और जबरदस्त सूखे ने ताइवान के चिप कारखानों में शुद्ध पानी जो चिप बनाने में बेहद जरूरी है उसकी कमी कर डाली और जापान के रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स में आग ने समस्याओं को और बढ़ाया कुल मिलाकर इस ने भारत को कड़ी मुसीबत में डाल दिया क्योंकि
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क्या भारत के 10 बीलियन डॉलर योजना सफल होगी? देखा जाए तो हमारे देश में बेहतरीन कोडिंग करने वाले लोग है,लेकिन 500 बिलियन डॉलर का सेमीकंडक्टर का उद्योग का खेल पूरे का पूरा मैन्युफैक्चरिंग में है,लेकिन ये चिप सिलिकॉन का बहुत ही छोटा टुकड़ा है आपके नाखून से भी छोटा इसमें अरबों ट्रांसिस्टर्स होते हैं, इसमें इतने कस्के बनाई जाती है की इनकी बीच की दूरी नैनोमीटर में गिनी जाती है। जो 1/1,000,000,000 मीटर मतलब 1× 10^9। जो 1 मीटर का एक अरब वा हिस्सा है।
3 nm की दूरी आज के फेब्रिकेशन जो सिर्फ़ tsmc(Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) ही कर सकती है। वैसे South Korea का Samsung सिर्फ 5nm चिप्स बनाने में ज्यादा पीछे नहीं इन दोनो में अंतर ये है 3nm 15% तेज होती है और 25% बिजली इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका के Intel,AMD और Motorola कंपनियां चिप्स डिजाइन करने में सबसे शुरु किए थे जो आज भी चिप्स डिजाइनिंग के रहस्य पर बैठे हुए हैं। नीदरलैंड लिथोग्राफी मशीनों में सबसे आगे है जो वेफर्स पर सर्किट डालती है। जबकि ताइवान दुनिया का 65% मेमोरी चिप बनाते हैं इसमें tsmc अकेले बाहुबली है।
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दुनियां में चिप्स खरीदी में चीन का दबदबा है वैश्विक स्तर पर 100 करोड़ चिप्स जो बनते हैं उसमें से भी अकेले 60% खरीदते हैं 300 बिलियन डॉलर के भुगतान पर। दो दशक के बड़े सरकारी समर्थन के बावजूद चीनी तकनीक जो सबसे अच्छी चीप बना सके वह थी 14 नैनोमीटर की। जो पांच वाली से कम से कम दो पीढ़ी पीछे हैं,लेकिन दुनिया चीन से अलग एक और विकल्प तलाश रही है और भारत का लाभ उठा सकता है। भारत की कहानी छूटे हुए मौके से भरी 1974 स्थापित एक पब्लिक सेक्टर सेमीकंडक्टर उपक्रम ISRO ने उठा लिया। हाल ही 2017 में भारत ने चीप मशीनरी के आयात पर सीमा शुल्क माफ करने की पेशकश की थी,लेकिन इससे कोई उत्साहित नहीं हुआ था। इस बार भारत मौके पर झपट्टा मारने के लिए तेजी से आगे बढ़ा है उद्योग के कई टॉप उत्पादकों से बात करने के बाद भारत ने यह 10 बिलियन की योजना घोषितके 20 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई और अच्छा काम करेगा।
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Intel और Samsung पहले से ही अपने चीफ डिजाइन सेंटर कहां स्थापित किए हुए हैं सैमसंग में बेंगलुरु में अपने फोन के कई फीचर भारत में बनाए जैसे 108 मेगापिक्सल कैमरा और एक्सीनोस चिपका डिजाइन। फिर एटीपी उद्योग असेंबलिंग,टेस्टिंग और पैकेजिंग जो चिप डिजाइन को जोड़कर सेमीकंडक्टर उद्योग का 40% हिस्सा बनते हैं। हम 6 सालों में 24 बिलीयन डॉलर का निवेश लाने की उम्मीद रखते जैसे की अबू धाबी का एक समूह सबसे पहले आगे बढ़ा और ताइवान के तकनीकी भागीदारी में वह यहां 3 बिलियन सेमीकंडक्टर फैब्स स्थापित करेंगे। भारत की इस योजना में टाटा समूह भी निवेश करें हम 5G के लिए चिप्स बनाएंगे 2250 करोड़ों रुपए का निवेश करेंगे और वेदांता के अनिल अग्रवाल भी हम डिस्पले ग्लास और एलसीडी पैनल बनाने के लिए 60000 करोड रुपए डालेंगे। फैबस निर्माण के लिए बहुत पैसे लगते है। उदाहरण के लिए अगर आप एक तेल रिफाइनरी खड़ा करेंगे तो वही तकनीक सालों तक चलेगी लेकिन फेब्स में नहीं।
Intel, Samsung ,tsmc, Inter और बाकी सभी हर एक R&D प्रक्रिया सुधार और नई मशीनरी में सालाना 20 बिलियन डॉलर यानी डेढ़ लाख करोड़ से अधिक खर्च करते हैं। इतने महत्वपूर्ण है फैब्स की दुनिया की 10 सबसे मूल्यवान कंपनी चीपफर्म है nvidia और tsmc। तो भले ही भारतीय खेल में देरी से उतरे लेकिन फिर भी हम बाजी मारने की काबिलियत रखते हैं। जैसे शेर अकेला चलता है। एक चीज है बड़े-बड़े उपयोग जिसके पीछे भाग रहे देशों के उद्योग भारत भी है दौड़ में बनेगा क्या कुछ काम तकनीकी में आपने भी आज बड़े है नाम ।
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