कहा है भारत का काला धन? क्या है Pandora Papers? क्या ये धन भारत की जनता को मिलेगा? जानिए पुरा विस्तार में...

Pandora Paper लिस्ट में आए कि उन्होंने किसी प्रकार से कानून तोड़ा है। पैसों की हेरा फेरी इतनी भी मजेदार नहीं सिवाए इसके कि वो सभी अड्डे जहां लोग अपना पैसा छिपा रखे हैं वो सब सौन्दर्य बीच टाउन हैं। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड लीबियाई,बेलीज,बहामास,बरमूडा,कैमरून,हालैंड,पनामा और सेशेल्स सहित हर कुछ सालों के अंतर में वित्तीय चोरी की बूंदें टपकती रहती हैं,अक्सर किसी गुमनाम विसलब्लोअर द्वारा। जो भांडा फोड़ वह कहां और कैसे दुनिया के रईस अपना काला धन ऑफशोर टैक्स मुक्त देशों में छिपा रखते हैं। 


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नमस्कार, फिर से हमारे पोस्ट में तहदिल से स्वागत है। 2011 में एचएसबीसी से चुराया हुआ 700 भारतीय खाताधारकों की सूची मिली थी जो 2015 में बढ़कर 1195 हो गई। फिर अगले साल 500 अमीर भारतीयों का नाम पनामा पेपर्स में आया जिसमें थे अमिताभ बच्चन,ऐश्वर्या राय,अजय देवगन और बाला साहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे। 18 महीने बाद पैराडाइज पेपर्स हाथ पकड़े जिसमें 700 से अधिक भारतीयों के नाम थे। एक बार फिर अमिताभ बच्चन इसमें शामिल थे,भगोड़े बिजनेसमैन विजय माल्या के साथ। 

 

अब आए हैं पैंडोरा पेपर्स। जो की प से दिवानगी और क से करन जोहर जैसे सुनाई पड़ते हैं, समझो पिक्चर की पूरी स्टार कास्ट। इस बार अनिल अंबानी का नाम निकला जिन्होंने अपने प्रतिनिधियों के साथ करीबन 10 हजार करोड़ रुपए उधार पर लेकर 7 ऑफशोर कंपनियों में निवेश किया जो की 2007 और 2010 के बीच। हाय क्या दिन थे जब अनिल अंबानी दुनिया के दस सबसे अमीर लोगों में शुमार थे। किन्तु यह खुलासा एक अटपटे मौके पर जाहिर हो 2021 में जब उन्होंने लंदन की एक अदालत में बयान दिया था मेरी कुल संपत्ति शून्य है।


पैंडोरा पेपर्स ये भी बताते हैं कि सचिन तेंदुलकर और उनका परिवार 2007 से एक BVI एक कंपनी में 60 करोड़ रुपये के शेयर के मालिक थे। भिडू जैकी श्रॉफ एकलौते बॉलीवुड के नाम हैं जिन्होंने न्यूजीलैंड के एक ट्रस्ट में निवेश किया जिनके पास स्विस बैंक खाता और एक बीवीआय है। कंपनी भी ज़िक्र किया गया राजीव गाँधी के मित्र और साथ ही मालिक स्वर्गीय पायलट सतीश शर्मा का भी। जिन्होंने चुनाव आयोग से छिपाया था की उनके परिवार को एक विदेशी ट्रस्ट से फायदा हुआ जब वे 1995 में पेट्रोलियम के मंत्री थे। हालांकि जो चीज पहली नजर में गड़बड़ लगती है जरूरी नहीं उसमें जूलियो हो।

अनिल अंबानी की कंपनी दुनिया भर में फैली थी और कोई कानून नहीं टूटा,अगर उन्होंने किसी भी संपत्ति या व्यवसाय में निवेश किया वो कंपनी के तौर से या व्यक्तिगत रूप में। तेंदुलकर और जैकी श्रॉफ के ससुराल विदेशी हैं। सतीश शर्मा की पत्नी भी इसीलिए उनका विदेशी कंपनियां स्थापित करना या उससे लाभ लेना कोई गलत नहीं,न तो वे भगोड़े हैं,ना ही उन्होने ने जनता का पैसा चुराया जैसे नीरव मोदी ने किया था। FZE DUBAI,Bank Of Singapore,Amicorp Barbolados,HSBC Ithaka Trust ये शहर या केवल नाम की कंपनियों द्वारा जो खासकर पैसे छुपाने और चुराने के लिए बनाए गए थे या कम जाने माने ललित गोयल जिनके बारे में पैंडोरा पेपर्स दिखाती हैं कि उन्होंने घर खरीदारों के 500 करोड़ रुपए चार ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड के ट्रस्ट में ट्रांसफर किया था और ऐन मौके पर दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़े गए जैसे वो देश से भागने की कोशिश में थे। कम संभावना है उन बाकी लोगों की भी जो Pramod Mittal,Vinod Adani,Kiran Majumdar Shaw,Harish Salve पंडोरा पेपर्स की लिस्ट में आए, यह वाले लीक पहले वाले लीक से इस तरह अलग है। 


किसने बताया है,अब अमीर अपने धन को बचाए रखने के लिए किन किन नए तरीकों का इस्तेमाल करते हैं जो भारतीयों ने साठ और सत्तर के दशक में पहली बार अपना काला धन विदेश भेजना शुरू किया था तो वे लगभग सारा पैसा हवाला से यानी भरोसे पर भेजा करते थे। स्विट्जरलैंड में खाते खोले गए और वहां नगद जमा किया गया,बैंकर ने एक सवाल तक नहीं पूछा। 1980,1990 के दशक के आखिर में दुनिया जानने लगी कि उनके देशों से करोड़ों अरबों डॉलर की हेराफेरी हुई थी। अपनी करतूतों को छुपाने के लिए अकाउंटेंट्स अलग अलग ऑफशोर देशों में क्रॉस होल्डिंग के साथ कई कंपनियां खोलकर अधिकारियों को चकमा देने की कोशिश में लग गए। जहां जुलाई 2020 में आईटी अधिकारियों ने उन पर जुर्माना डाला। उनके 196 करोड़ रुपए पर जो कि 2004 से एचएसबीसी की जिनेवा शाखा में पड़े थे। न्यायाधीश ने उनकी याचिका की खिल्ली उड़ाई। कोर्ट में रेणु थरानी ने कहा की, मुझे नहीं पता कि मुझे पैसे किसने दिए मुझे दिए,मैंने ले लिए। वह कोई मदर टेरेसा नहीं कि कोई अनजान व्यक्ति उन्हें बिना मतलब करोड़ों रुपये दे दे। ऐश्वर्या राय से भी ईडी ने हाल ही में पूछताछ की। उनके 2004 में खोली गई एक ऑफशोर कंपनी में अवैध रूप से पैसा रखने के आरोपों पर लेकिन जिस तरह वो कैट सूट पहने पूछताछ के लिए आए,हमें लगता है कि वे धूम 2 की तरह बिना किसी खरोंच के बचकर निकल जाएंगी। 

भारतीय कानूनों के तहत विदेश में किसी कंपनी या ट्रस्ट की रजिस्ट्री कराना जायज है मगर टैक्स विभाग को सूचना न देना गलत जो रेणु थरानी ने नहीं किया। जबसे 2004 में लेबरआइज्ड रेमिटेंस स्कीम शुरू की गई 25 हजार डॉलर की पहली सीमा के साथ अब उसे लगातार बढ़ जाने के बाद वो 250000 डॉलर प्रति साल है। भारतीय नागरिक केवल सरकार को बताकर लगभग किसी भी चीज के लिए कानूनी रूप से विदेश में पैसा भेज सकते हैं। विदेश यात्रा के लिए शिक्षा चिकित्सा के खर्चे घर या शेयर खरीदने के लिए लेकिन अभी तक क्रिप्टो नहीं। वैसे आजकल भारतीयों ने अपने काले धन की मात्रा को विदेश भेजना कम कर दिया है जिसका चरम था 1957 से 2004 के बीच का। यहां तक कि फाइनेंस मंत्रालय ने भी इस बात को कबूल किया कि टैक्स अधिकारियों ने इस बाबत में बहुत कम राशि जमा की 1294 करोड़ रुपए का टैक्स और जुर्माना लगाया गया,153 करोड़ रुपए पनामा और पैराडाइज पेपर लीक में। 


एक समय था जब मोदी जी भी इसे बड़ी रकम मानते थे। विदेश में इतना कालाधन है कि हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा हो सकता है। हालांकि सरकार के अपने खुद के 2014 के तीन अलग अलग एजेंसियों के अध्ययन से यह पता चला है कि हकीकत में 90 से 97 प्रतिशत कालाधन तो भारत देश के अंदर बैठा है। यूपीए 2 सरकार के तहत 2010–11 में तब के वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा शुरू किया गया जीआर मोदी की मेज पर पहुंचा। उनके प्रधानमंत्री बनने के शुरुआती महीनों में माना जाता है कि इन्हीं रिपोर्टो के आधार पर उन्होंने नवंबर 2016 में नोटबंदी करने का फैसला लिया। इस इरादे से कि देश के अंदर जमा कालेधन को खत्म किया जाए बिजनेस वाले जो होते हैं अब ज्यादातर नियमों से चलते हैं और जनता जनार्दन जानती है कि असल में किसके पास है सारा काला धन। वैसे सरकार अभी भी छुपे धन को निकालने के लिए छापेमारी कर रही है,लेकिन केवल विपक्षी नेताओं पर ही लेकिन उस दिन जब वो अपनी पार्टी के किसी मंत्री को भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर गिरफ्तार करेंगे तभी ये संदेश फैलेगा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। इस पर हम कहेंगे काला पैसा छिपा है जो जाकर विदेश में,पंडोरा पेपर खोलता उनके सारे के कागज में जो दर्ज है बड़े हैं वो कुछ नाम और बड़े कुछ और जो फरमाते आराम है। क्या आपको लगता ये पैसे आपके अकाउंट में आएंगे। इस पर आपका राय हमे जरुर बताए।

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